Friday, August 6, 2010

दीपिका का नया प्यार


बला की ख्ूाबसूरत दीपिका पादुकोण लगातार हिट फिल्मों के साथ तो बॉलीवुड की सबसे कामयाब हिरोईनों में शुमार हो ही चुकी है, लेकिन साथ ही उनके प्रेम प्रसंग भी खूब सुर्खियों में रहते हैं. 2007 में शाहरूख खान के साथ ओम शांति ओम से अपने फिल्मी कॅरिअर का आगाज करने वाली दीपिका का नाम सबसे पहले रणबीर कपूर के साथ जुड़ा था. दोनों ने सिधार्थ आनंद की फिल्म बचना ऐ हसीनों में साथ काम किया, जिसकी शूटिंग के दौरान ही दोनों का प्यार परवान चढ़ा. प्यार भी इतना ज्यादा कि दीपिका ने रणबीर के नाम का टेटू ही गुदवा लिया अपने हाथ पर. तब लगा था कि दोनों अपने संबंध को लेकर गंभीर है. लेकिन जल्द ही रणबीर की कूछ फिल्में कामयाब हो गई. कामयाबी मिलते ही रणबीर के सूर भी बदल गए और वे दीपिका के बजाए अपने कॅरिअर को लेकर गंभीर हो गए. इसके बाद दीपिका का नाम तो कई लोगों जिनमें युवराज सिंह, महेंद्रसिंह धोनी जैसे भारतीय क्रिकेटरों के साथ जुड़ा, लेकिन ये सिर्फ टाइमपास ही साबित हुआ.
लेकिन अब दीपिका का प्रेम प्रसंग एक बार फिर सुर्खियां बटोर रहा है. इस बार दीपिका के प्यार की चर्चाएं देश में शराब के बेताज बादशाह और बड़े उद्योगपति विजय माल्या के बेटे सिधार्थ माल्या के साथ हो रही है. चर्चाएं है कि दीपिका माल्या जूनियर के साथ अपने संबंधों को लेकर बेहद गंभीर है. इन दोनों का प्यार परवान तब चढ़ा, जब दीपिका आईपीएल के मैचों में जूनियर माल्या की बैंगलोर टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान में आती थी. तब ही दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ा. आईपीएल खत्म होने के बाद भी दोनों को एकसाथ देखा जा रहा है, जिससे उनके संबंधों को लेकर फिर से कयास लगने लगे हैं. हाल ही में सलमान खान की बहनों के जन्मदिन के मौके पर दीपिका पार्टी में शामिल हुई, तो जूनियर माल्या भी उनके साथ थे. इससे एक बार फिर लगने लगा है कि दीपिका-जूनियर माल्या का प्यार मंजिल तक पहुंचकर ही थमेगा.

मलाईका का आइटम तड़का


बॉलीवुड में वैसे तो वर्तमान में राखी सावंत, कोईना मित्रा, शर्लीन चैपड़ा, अब्दुला ब्रूना जैसी कई आईटम बालाएं मौजूद है ,लेकिन जब बात मलाईका अरोरा की होती है, तो उनका नाम सबसे पहले लिया जाता है. अगर पुराने जमाने में हेलन को बॉलीवुड की सबसे उम्दा आईटम बाला कहा जाता था, तो अब उनकी जगह मलाईका ने ले ली है. याद कीजिए मणिरत्नम की फिल्म दिल से... का वह गाना छैया...छैया जिसमें मलाईका किंग खान के साथ चलती टेªन के ऊपर थिरकती नजर आती है. फिल्म से ज्यादा वह गाना चला था, और इसके साथ ही मलाईका भी आईटम गानों की विशेषज्ञ मानी जाने लगी.
बॉलीवुड में एक और बात बड़ी मशहूर है कि मलाईका को फिल्म के एक आईटम गाने में लेना शूभ रहता है. मतलब यह कि अगर मलाइका किसी गाने में मौजूद है ,तो वह फिल्म टिकट खिड़की पर हिट हो जाती है. अब टिकट खिड़की का टोटका ही सबसे जरूरी है बॉलीवुड में. लोग टिकट खिड़की पर कामयाब होने के लिए न जाने क्या क्या कर गुजरते हैं. सो, ऐसे में भला मलाईका को आईटम गाने में लेने मे क्या बुराई.
सो, जब पूरा बॉलीवुड मलाईका को लकी मानता है, तो फिर भला उनका खूद का परिवार कैसे पीछे रहे. नतीजा यह कि मलाईका जल्द ही अपने घरेलू बैनर की फिल्म दबंग में भी आईटम का तड़का लगाती नजर आएगी. मलाइका के लिए तो यह दोहरी खूशी की बात है क्योंकि इस फिल्म के निर्माता उनके पति अरबाज ही है. अरबाज को यह आइडिया बड़े भाई सलमान ने दिया. सो, किंग खान के साथ दिल से और काल जैसी फिल्मों में ठूमके लगा चुकी मलाइका अब अपने जेठ सलमान के साथ जलवे बिखेरती नजर आएगी. दंबग पिक्चर ईद के मौके पर रिलीज हो रही है.
तो आप भी तैयार हो जाइए ईद पर डबल धमाके लिए...सलमान और मलाईका का धमाका.

फिल्म समीक्षा ः हंसती-गाती आयशा


बॉलीवुड में आजकल एक नया टेªंड निकला है ः प्रेम कहानी पर पिक्चर बनाओं, तो ऐसी बनाओं जिसमें कोई रोना-धोना न हो. बस प्यार, मस्ती, मजाक और बढ़िया संगीत हो और पिक्चर हसंते-गाते ही खतम हो जाए. इस हप्ते रिलीज हुई आयशा बिल्कुल ऐसी ही फिल्म है. अनिल कपूर के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म के नायक-नायिका, निर्माता-निर्देशिका और प्रोडक्शन डिजाइनर सभी हमउम्र के ही हैं. यानी कि सभी युवा हैं. और यह बात इस पिक्चर को देखते वक्त पता भी चल जाती है. फिल्म की कहानी एक अंग्रेजी उपन्यास से ली गई है. एमा नामक यह उपन्यास लिखा तो अठारवीं सदी में गया था, लेकिन फिल्म की निर्देशिका और लेखिका ने उसे आज के जमाने से क्या खूब ढाला है. पूरी पिक्चर आज के जमाने की लगती है या कह लें कि आज के जमाने से भी आगे की लगती है. कहानी इस पिक्चर की एकदम सीधी-साधी है. नायिका हर किसी के मामले में टांग अड़ाती है और नायक चाहता है कि नायक सिर्फ अपने काम से काम रखें. नतीजा यह होता है कि दोनों के बीच ढेर सारी नोकझोंक, लड़ाई-झगड़ा. लेकिन फिर नायिका को नायक पर प्यार आने लगता है. आगे क्या होता है आप खूद ही सिनेमाघर में जाकर देखे तो ज्यादा अच्छा.
बात करते हैं निर्देशिका की. इस पिक्चर की निर्देशिका राजश्री ओझा को रोना-धोना पसंद नहीं, यह बात तो तय है. पूरी फिल्म एकदम हल्के-फुल्के दृश्यों के साथ चलती है. हीरो-हिरोईन भी खूब बला के छांटे हैं उन्होंने. सोनम इस फिल्म की असल हीरो है और उन्होंने ऐसा काम भी कर दिखाया है. पापा अनिल से अभिनय के सीखे गुर ऐसे दिखाए हैं इस पिक्चर में कि अनिल को भी गर्व होगा. हीरो के तौर पर अभय देओल भी खूब पसंद आते हैं. नायिका प्रधान फिल्म में भी उन्होंने खूब अच्छा अभिनय किया है.
यह फिल्म एक सुखद अहसास दे जाती है. कोई रोना-धोना नहीं, बस मस्ती, मजाक और गाना-बजाना. इससे याद आया इस पिक्चर के गाने भी बड़े उम्दा है. गाने जब-जब आते हैं तो नाचने का मन हो जाता है बस. यह फिल्म कूरकूरे नमकीन की तरह है. स्वाद लेकर देखते ही जाओं...बढ़िया....और खासी मनोरंजक कूल मिलाकर.

अब सोनाक्षी सिन्हा की बारी


बॉलीवुड में एक और सितारा पुत्री धमाकेदार आगाज की पूरी तैयारी कर चुकी है. यह हीरोईन है बीते जमाने के दिग्गज अभिनेता शत्रुध्न सिन्हा की लाडली बिटिया सोनाक्षी सिन्हा. तेईस वर्षीया सोनाक्षी इस साल ईद पर रिलीज होने जा रही फिल्म दबंग में नजर आएगी.
बड़ी बात है कि इस फिल्म में उनके नायक की भूमिका माचो मेन सलमान खान निभा रहे हैं. इस पिक्चर को सलमान के भाई अरबाज ने निर्देशित किया है और अनुराग कश्यप के भाई अनुभव कश्यप इस फिल्म के निर्देशक है.
जाहिर है, सोनाक्षी का आगाज धमाकेदार होने की पूरी संभावना है. बॉलीवुड में बहुत कम ही हीरोईनों को अपनी पहली ही फिल्म में सलमान खान जैसे सितारे के साथ काम करने का मौका मिलता है. ऐसे में यह सोनाक्षी के लिए दोहरी खुशी की बात है, जो अपनी हमउम्र लड़कियों की तरह ही सलमान की फिल्में देखकर बड़ी हुई है.
वैसे, ग्लैमर जगत के लिए सोनाक्षी कोई नहीं है. उन्होंने अपने कॅरिअर का आगाज एक मॉडल के तौर पर किया था. बतौर मॉडल सोनाक्षी लक्मे फेशन वीक में रैम्प पर चल चुकी है.
दूसरी ओर, सिन्हा परिवार के लिए भी यह जश्न का मौका है. इससे पहले शत्रुध्न के बेटे लव सिन्हा भी बतौर अभिनेतो पर्दे पर नजर आ चुके हैं. लेकिन सोनाक्षी को अपने भाई की तुलना में ज्यादा प्रतिभावान माना जा रहा है.

करीना की ख्वाहिश पूूरी


बॉलीवुड की दो बेहतरीन अभिनेत्रियों काजोल और करीना कपूर के बीच संबंध भी बड़ा दिलचस्प है. कपूर खानदान की लाडली करीना ने जब बॉलीवुड में प्रदार्पण किया, तब काजोल शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार की जाती थी. ऐसे में जाहिर है कि करीना काजोल को हमेशा से अपना प्रेरणास्त्रोत मानती रही है. करीना कई दफा खूले तौर पर कह चुकी है कि काजोल वर्तमान में बॉलीवुड की सबसे काबिल अभिनेत्री हैं, जो किसी भी तरह के रोल में फिट हो जाती है. करीना हमेशा ही काजोल के साथ काम करने को लेकर उत्सुक रहती है.
हालांकि पहले ये दोनों करण जौहर की फिल्म कभी खुशी कभी गम में साथ काम कर चुकी है. लेकिन इस फिल्म में दोनों के बीच दृश्य बिल्कुल भी नहीं थे. ऐेसे में करीना की काजोल के साथ पर्दे पर साथ नजर आने की ख्वाहिश अधूरी ही रह गई थी.
लेकिन अब करीना की यह ख्वाहिश पूरी होने वाली है. करण जौहर के ही बैनर की एक और फिल्म वी आर फेमेली में दोनों एक साथ नजर आएंगी. इस फिल्म को सिधार्थ मल्होत्रा बना रहे हैं और यह हॉलीवुड की 1998 में रिलीज हुई फिल्म स्टेपमाम की रिमेक है. इस पिक्चर में काजोल और करीना सौतन की भूमिकाओं में नजर आएगी. पिक्चर के हीरों तो अर्जुन रामपाल है, लेकिन कहानी करीना और काजोल के इर्द-गिर्द ही घूमती है.
यह फिल्म 3 सितंबर को रिलीज होगी, लेकिन करीना काजोल के साथ काम करने को लेकर अभी से ही उत्साहित नजर आ रही है. आखिर काजोल के साथ स्क्रीन शेयर करने की उनकी पुरानी ख्वाहिश पूरी होने जा रही है. करीना और काजोल के प्रशंसकों को भी इस पिक्चर का बेसब्री से इंतजार है.

Thursday, August 5, 2010

जन्मदिन विशेष ः काजोल




5 अगस्त, यानी कि बॉलीवुड की नए दौर की उम्दा अभिनेत्रियों में शुमार काजोल का जन्मदिन. जी हां, लाखों-करोड़ों राज मल्होत्राओं के दिलों की मलिका सिमरन का आज जन्मदिन है. सो, इसी बहाने डाल लेते हैं आज के दिन पैंतीस बरस की होने जा रही काजोल के कॅरिअर पर एक नजर.
5 अगस्त 1975 को काजोल का जन्म ऐसे घराने में हुआ, जो पहले ही बॉलीवुड का सबसे प्रतिष्ठित फिल्मी घराना माना जाता है. उनके पिता सोमू मुखर्जी जहां मुंबईयां इंडस्ट्री के कामयाब निर्माता थे, वहीं उनकी मां तनुजा हिंदी फिल्मों की कामयाब नायिका. बात यही खत्म नहीं होती. उनकी मौसी नूतन के नाम बॉलीवुड के इतिहास में सबसे ज्यादा पंाच बार सर्वश्रेष्ठ नायिका का फिल्मफेयर अवार्ड जीतने का कीर्तिमान दर्ज है. ऐसे माहौल में पली-बढ़ी काजोल के लिए बॉलीवुड में पदार्पण स्वाभाविक ही था. सो, 1992 में निर्देशका राहुल रवैल की फिल्म बेखूदी के साथ उनके फिल्मी कॅरिअर का आगाज हुआ. फिल्म तो पिट गई, लेकिन काजोल का कॅरिअर चल निकला. 1993 में शाहरूख खान के साथ उन्होंने बाजीगर के रूप में अपनी पहली हिट फिल्म दी. इसके साथ ही काजोल और शाहरूख की जोड़ी का आगाज हुआ, जो आज भी चंद सालों के अंतराल से एक न एक धमाकेदार फिल्म दे ही देती है. काजोल के कॅरिअर की सबसे बड़ी हिट फिल्म 1995 में दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे के तौर पर आई. यह फिल्म इस कदर कामयाब हुई कि आजतक चल रही है. बॉलीवुड के इतिहास की सबसे कामयाब फिल्मों में इस फिल्म को सबसे पहले गिना जाता है. इसके बाद तो काजोल ने हर तरह की भूमिकाओं में कामयाब फिल्में दी. गुप्त, इश्क, प्यार किया तो डरना क्या, कुछ कुछ होता है, प्यार तो होना ही था, फना जैसी कामयाब फिल्में दी. 1999 में उन्होंने अपने साथी अभिनेता अजय देवगन से ‘शादी कर ली. लेकिन उनका कॅरिअर अभी भी जारी है. इस साल के शुरू में ही उनकी फिल्म आई थी शाहरूख खान के साथ. माय नेम इज खान नामक इस फिल्म ने भी खूब कमाई की और आलोचकों की तारीफें भी बटोरी.
अब काजोल अपनी जिंदगी के पैंतीसवें बसंत में प्रवेश कर रही है. लेकिन उनका कॅरिअर अभी भी चल रहा है. इस साल आखिर में उनकी एक और फिल्म आएगी. वी आर द फेमेली नामक यह फिल्म हॉलीवुड की एक विख्यात फिल्म का रिमेक है और इसमें काजोल को अपने अभिनय का जलवा दिखाने का भरपुर मौका मिला है. जन्मदिन के मुबारक मौके पर उनके प्रशसंक और हम भी यही उम्मीद करते हैं कि काजोल का कॅरिअर यूं ही बुलंदियों पर बना रहे.

बंगाली बाला बिपाशा की चिंता



उम्र ढली नहीं कि बॉलीवुड में कॅरिअर को डूबने में देर नहीं लगती. हिरोईनों के मामलें में तो हालत और ज्यादा प्रतिस्पर्धात्मक रहती है. जिंदगी के तीसरे दशक में प्रवेश करते हीे हर हीरोईन असुरक्षा से घिर जाती है. उसे लगने लगता है कि अब उसके कॅरिअर पर कभी भी पूर्ण विराम लग सकता है. इंडस्ट्री में आने वाली हर नई हीरोईन उसे अपनी प्रतिद्वंद्वी नजर आने लगती है. ऐसे में उसके पास एक ही विकल्प रह जाता है ःकैसे भी करके सुर्खियों में बनो रहो, जितनी ज्यादा फिल्में हो सके हासिल कर लो.
बॉलीवुड की बंगाली क्वीन बिपाशा बासु भी इन दिनों ऐसे ही हालात का सामना कर रही है. उम्र उनकी इकतीस बरस की हो गई है, सो अब पहले जैसी कातिल अदाएं तो रही नहीं उनकी. ऊपर से दर्द यह कि पिछले कुछ समय से उनकी फिल्में भी बस आती है और टिकट खिड़की पर बिना कमाई किए चली जाती है. बिपाशा की पिछली तीन फिल्मों लम्हा, पंख और आ देखे जरा टिकट खिड़की पर बुरी तरह पिटी थी.
अब टिकट खिड़की पर जलवा नहीं, तो बॉलीवुड में जलवा खत्म ही समझो. सो, इन दिनों बंगाली बाला परेशान है, चिंता में है. इसी चिंता में नई बात उन्होंने अब यह कही है कि कॅरिअर के इस दौर में अब वे गंभीर किस्म की भूमिकाएं करना चाहती है. मतलब यह कि अब बिपाशा अभिनय कर सकने वाली अभिनेत्री बनना चाहती है.
लेकिन दिक्कत यह है कि बॉलीवुड में ऐसी अभिनय कर सकने वाली अभिनेत्रियों को पूछता कौन है ? यकीन न हो तो पूछ लीजिए तब्बु, करिश्मा कपूर, रवीना टंडन और जूही चावला जैसी अच्छा अभिनय करने वाली अभिनेत्रियों को. बेचारी यही कहेंगी कि उनके अभिनय की खूबी धरी की धरी रह गई.
अब बॉलीवुड के फिल्मकारों ने इन अभिनेत्रियों को नहीं पूछा, तो भला बिपाशा को क्या पूछेंगे ? ऐसे में हमें तो उनका कॅरिअर डावांडोल ही नजर आता है, क्योंकि ईधर आजकल बॉलीवुड में प्रियंका, कैटरीना, सोनम जैसी दर्जनों युवा, खूबसूरत और प्रतिभावान अभिनेत्रियां आ गई है. बात साफ है, यह बिपाशा के लिए गंभीर चिंतन-मनन का वक्त है.