Friday, August 6, 2010

करीना की ख्वाहिश पूूरी


बॉलीवुड की दो बेहतरीन अभिनेत्रियों काजोल और करीना कपूर के बीच संबंध भी बड़ा दिलचस्प है. कपूर खानदान की लाडली करीना ने जब बॉलीवुड में प्रदार्पण किया, तब काजोल शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार की जाती थी. ऐसे में जाहिर है कि करीना काजोल को हमेशा से अपना प्रेरणास्त्रोत मानती रही है. करीना कई दफा खूले तौर पर कह चुकी है कि काजोल वर्तमान में बॉलीवुड की सबसे काबिल अभिनेत्री हैं, जो किसी भी तरह के रोल में फिट हो जाती है. करीना हमेशा ही काजोल के साथ काम करने को लेकर उत्सुक रहती है.
हालांकि पहले ये दोनों करण जौहर की फिल्म कभी खुशी कभी गम में साथ काम कर चुकी है. लेकिन इस फिल्म में दोनों के बीच दृश्य बिल्कुल भी नहीं थे. ऐेसे में करीना की काजोल के साथ पर्दे पर साथ नजर आने की ख्वाहिश अधूरी ही रह गई थी.
लेकिन अब करीना की यह ख्वाहिश पूरी होने वाली है. करण जौहर के ही बैनर की एक और फिल्म वी आर फेमेली में दोनों एक साथ नजर आएंगी. इस फिल्म को सिधार्थ मल्होत्रा बना रहे हैं और यह हॉलीवुड की 1998 में रिलीज हुई फिल्म स्टेपमाम की रिमेक है. इस पिक्चर में काजोल और करीना सौतन की भूमिकाओं में नजर आएगी. पिक्चर के हीरों तो अर्जुन रामपाल है, लेकिन कहानी करीना और काजोल के इर्द-गिर्द ही घूमती है.
यह फिल्म 3 सितंबर को रिलीज होगी, लेकिन करीना काजोल के साथ काम करने को लेकर अभी से ही उत्साहित नजर आ रही है. आखिर काजोल के साथ स्क्रीन शेयर करने की उनकी पुरानी ख्वाहिश पूरी होने जा रही है. करीना और काजोल के प्रशंसकों को भी इस पिक्चर का बेसब्री से इंतजार है.

Thursday, August 5, 2010

जन्मदिन विशेष ः काजोल




5 अगस्त, यानी कि बॉलीवुड की नए दौर की उम्दा अभिनेत्रियों में शुमार काजोल का जन्मदिन. जी हां, लाखों-करोड़ों राज मल्होत्राओं के दिलों की मलिका सिमरन का आज जन्मदिन है. सो, इसी बहाने डाल लेते हैं आज के दिन पैंतीस बरस की होने जा रही काजोल के कॅरिअर पर एक नजर.
5 अगस्त 1975 को काजोल का जन्म ऐसे घराने में हुआ, जो पहले ही बॉलीवुड का सबसे प्रतिष्ठित फिल्मी घराना माना जाता है. उनके पिता सोमू मुखर्जी जहां मुंबईयां इंडस्ट्री के कामयाब निर्माता थे, वहीं उनकी मां तनुजा हिंदी फिल्मों की कामयाब नायिका. बात यही खत्म नहीं होती. उनकी मौसी नूतन के नाम बॉलीवुड के इतिहास में सबसे ज्यादा पंाच बार सर्वश्रेष्ठ नायिका का फिल्मफेयर अवार्ड जीतने का कीर्तिमान दर्ज है. ऐसे माहौल में पली-बढ़ी काजोल के लिए बॉलीवुड में पदार्पण स्वाभाविक ही था. सो, 1992 में निर्देशका राहुल रवैल की फिल्म बेखूदी के साथ उनके फिल्मी कॅरिअर का आगाज हुआ. फिल्म तो पिट गई, लेकिन काजोल का कॅरिअर चल निकला. 1993 में शाहरूख खान के साथ उन्होंने बाजीगर के रूप में अपनी पहली हिट फिल्म दी. इसके साथ ही काजोल और शाहरूख की जोड़ी का आगाज हुआ, जो आज भी चंद सालों के अंतराल से एक न एक धमाकेदार फिल्म दे ही देती है. काजोल के कॅरिअर की सबसे बड़ी हिट फिल्म 1995 में दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे के तौर पर आई. यह फिल्म इस कदर कामयाब हुई कि आजतक चल रही है. बॉलीवुड के इतिहास की सबसे कामयाब फिल्मों में इस फिल्म को सबसे पहले गिना जाता है. इसके बाद तो काजोल ने हर तरह की भूमिकाओं में कामयाब फिल्में दी. गुप्त, इश्क, प्यार किया तो डरना क्या, कुछ कुछ होता है, प्यार तो होना ही था, फना जैसी कामयाब फिल्में दी. 1999 में उन्होंने अपने साथी अभिनेता अजय देवगन से ‘शादी कर ली. लेकिन उनका कॅरिअर अभी भी जारी है. इस साल के शुरू में ही उनकी फिल्म आई थी शाहरूख खान के साथ. माय नेम इज खान नामक इस फिल्म ने भी खूब कमाई की और आलोचकों की तारीफें भी बटोरी.
अब काजोल अपनी जिंदगी के पैंतीसवें बसंत में प्रवेश कर रही है. लेकिन उनका कॅरिअर अभी भी चल रहा है. इस साल आखिर में उनकी एक और फिल्म आएगी. वी आर द फेमेली नामक यह फिल्म हॉलीवुड की एक विख्यात फिल्म का रिमेक है और इसमें काजोल को अपने अभिनय का जलवा दिखाने का भरपुर मौका मिला है. जन्मदिन के मुबारक मौके पर उनके प्रशसंक और हम भी यही उम्मीद करते हैं कि काजोल का कॅरिअर यूं ही बुलंदियों पर बना रहे.

बंगाली बाला बिपाशा की चिंता



उम्र ढली नहीं कि बॉलीवुड में कॅरिअर को डूबने में देर नहीं लगती. हिरोईनों के मामलें में तो हालत और ज्यादा प्रतिस्पर्धात्मक रहती है. जिंदगी के तीसरे दशक में प्रवेश करते हीे हर हीरोईन असुरक्षा से घिर जाती है. उसे लगने लगता है कि अब उसके कॅरिअर पर कभी भी पूर्ण विराम लग सकता है. इंडस्ट्री में आने वाली हर नई हीरोईन उसे अपनी प्रतिद्वंद्वी नजर आने लगती है. ऐसे में उसके पास एक ही विकल्प रह जाता है ःकैसे भी करके सुर्खियों में बनो रहो, जितनी ज्यादा फिल्में हो सके हासिल कर लो.
बॉलीवुड की बंगाली क्वीन बिपाशा बासु भी इन दिनों ऐसे ही हालात का सामना कर रही है. उम्र उनकी इकतीस बरस की हो गई है, सो अब पहले जैसी कातिल अदाएं तो रही नहीं उनकी. ऊपर से दर्द यह कि पिछले कुछ समय से उनकी फिल्में भी बस आती है और टिकट खिड़की पर बिना कमाई किए चली जाती है. बिपाशा की पिछली तीन फिल्मों लम्हा, पंख और आ देखे जरा टिकट खिड़की पर बुरी तरह पिटी थी.
अब टिकट खिड़की पर जलवा नहीं, तो बॉलीवुड में जलवा खत्म ही समझो. सो, इन दिनों बंगाली बाला परेशान है, चिंता में है. इसी चिंता में नई बात उन्होंने अब यह कही है कि कॅरिअर के इस दौर में अब वे गंभीर किस्म की भूमिकाएं करना चाहती है. मतलब यह कि अब बिपाशा अभिनय कर सकने वाली अभिनेत्री बनना चाहती है.
लेकिन दिक्कत यह है कि बॉलीवुड में ऐसी अभिनय कर सकने वाली अभिनेत्रियों को पूछता कौन है ? यकीन न हो तो पूछ लीजिए तब्बु, करिश्मा कपूर, रवीना टंडन और जूही चावला जैसी अच्छा अभिनय करने वाली अभिनेत्रियों को. बेचारी यही कहेंगी कि उनके अभिनय की खूबी धरी की धरी रह गई.
अब बॉलीवुड के फिल्मकारों ने इन अभिनेत्रियों को नहीं पूछा, तो भला बिपाशा को क्या पूछेंगे ? ऐसे में हमें तो उनका कॅरिअर डावांडोल ही नजर आता है, क्योंकि ईधर आजकल बॉलीवुड में प्रियंका, कैटरीना, सोनम जैसी दर्जनों युवा, खूबसूरत और प्रतिभावान अभिनेत्रियां आ गई है. बात साफ है, यह बिपाशा के लिए गंभीर चिंतन-मनन का वक्त है.

पापा का नाम रोशन करती बेटियां


जमाना चूंकि आधुनिक हो चुका है, इसलिए बॉलीवुड में भी परंपरागत बेड़ियां तोड़ी जा रही है. पहले एक जमाना हुआ करता था, जब इंडस्ट्री के स्थापित सितारों, फिल्मकारों के बेटे तो बड़े मजे से अपने पिता की विरासत संभाल लेते थे, लेकिन बेटियां बेचारी पर्दे के पीछे ही रह जाती है. लेकिन अब इस मामलें में बॉलीवुड भी बहुत आगे निकल आया है. स्थापित सितारों और फिल्मकारों की बेटियां आज की तारीख में अपने पिता की न सिर्फ विरासत संभाल रही है, बल्कि उसे कामयाबी की ऊंचाईयों पर भी पहुंचा रही है.
सबसे पहले बात करते हैं रेहा कपूर की. अनिल कपूर की यह लाडली बिटिया चाहती तो, अपने पिता और बड़ी बहन सोनम की तरह वह भी पर्दे पर आकर दर्शकों को अपना दीवाना बना सकती थी. लेकिन बड़ी बहन से ठीक उलट, रेहा कपूर निर्माता बन गई है. अगस्त में बतौर निर्माता उनकी पहली फिल्म आयशा रिलीज हो रही है, जिसमें उनकी बहन सोनम और अभय देओल ने काम किया है. पिक्चर अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन पिता अनिल गर्व के साथ बताते हैं कि इस फिल्म के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी उनकी तेईस वर्षीया लाडली छुटकी बिटिया ने ही निभाई. रिलीज से पहले ही आयशा को हिट माना जा रहा है, और इससे उम्मीद जगी है कि रेहा अपने पिता की प्रोडक्शन कंपनी को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएगी. उधर दक्षिण के सुपर सितारे रजनीकांत की बेटी सौंदर्या भी अब रूपहले पर्दे पर बतौर निर्माता दस्तक दे चुकी है. बतौर निर्माता उनकी पहली फिल्म गोवा हाल ही में रिलीज हुई, जिसमें हॉलीवुड की दिग्गज प्रोडक्शन कंपनी वार्नर ब्रदर्स ने पैसा लगाया है. बात यही खत्म नहीं हो जाती, बल्कि जल्द ही बतौर निर्देशक भी सौंदर्या अपनी पारी शुरू कर रही है. सुल्तान नामक यह फिल्म एक एनिमेशन फिल्म है, जिसमें उनके महान पिता रजनीकांत शिवाजी का किरदार निभाते नजर आएंगे.
रेहा को जहां पहली कामयाबी का इंतजार है, वहीं मनमोहन शेट्टी की बेटी पूजा शेट्टी ने कामयाबी का स्वाद भी चख लिया है. एडलेब्स के पूर्व मालिक मनमोहन की बेटी ने अब अपना खुद को प्रोडक्शन हाउस खोला है वाकवाटर मीडिया नाम से. बतौर निर्माता उनकी पहली ही फिल्म तेरे बिन लादेन हाल ही में रिलीज हुई और हिट साबित हुई. अब वे एक और अन्य फिल्म की योजना में जुट गई है, लेकिन तय उन्होंने यह किया है कि वे इस तरह की अच्छी कहानी वाली फिल्में ही बनाएंगी.
कहा जा सकता है कि इन बेटियों ने अपने पिता का नाम इस कदर रोशन किया है ,जितना शायद बेटे भी नहीं कर पाते. आज की तारीख में बॉलीवुड का यही लेटेस्ट टेªंड है.

Wednesday, August 4, 2010

नीतू चंद्रा की भोजपुरी पारी



बॉलीवुड की हिरोईनों के बीच एक बड़ी सामान्य सी बात यह रहती है कि अगर हिंदी फिल्मों में कॅरिअर ठीक-ठाक नहींं चल रहा हो, तो या तो यह झूठी बात फैला दो कि साहब हम तो हॉलीवुड की कुछ फिल्मों में व्यस्त है या फिर अन्य भाषाओं में बनने वाली फिल्मों में काम करने के लिए लालीवुड, टॉलीवुड पहुंच जाओं. गरम मसाला जैसी फिल्म में अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम जैसे सितारों के साथ अपने कॅरिअर की शुरूआत करने वाली नीतू चंद्रा आजकल दूसरी वाली बात में ज्यादा यकीन कर रही है. मतलब यह कि नीतू ने भी अब भोजपुरी फिल्मों की ओर रूख कर लिया है. खबर है कि वे एक फिल्म की निर्माता बन गई है ,जो भोजपुरी भाषा में बनाई जाएगी.
खास बात यह है कि इस फिल्म को बनाने की वजह बताते हुए नीतू कहती हैं कि वे भोजपुरी सिनेमा में आ गई अश्लिलता को खत्म करने के लिए पिक्चरे निर्मित करंेगी. अब यह बात हमसे कुछ हजम नहीं हो रही. वजह इसकी यह है कि नीतू चंद्रा खुद ही बॉलीवुड की सबसे अश्लिल हिरेाईनों में गिनी जाती है. वैसे अपने कॅरिअर की शुरूआत उन्होंने बड़े शालीन अंदाज में की थी. बाद के सालों में नीतू चंद्रा ने मधुर भंडारकर की टेªफिक सिग्नल,राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक दीबाकर बनर्जी की ओए लकी, लकी ओए और रामगोपाल वर्मा की रण जैसी फिल्मों में काम किया. लेकिन बाद में नीतू के कॅरिअर में भटकाव तब आया, जब वे फिल्मों के बजाए अपनी सेक्सी छवि को ज्यादा तवज्जो देने लगी. पिछले कुछ समय से नीतू ने इंटरनेट पर इस तरह अंग प्रदर्शन किया है कि शर्लीन चैपड़ा और राखी सावंत भी शरमा जाएं. ऊपर से समलैंगिकता को लेकर नीतू चंद्रा के कुछ बयानों ने भी घी में आग का काम किया.
इसके चलते उनके अच्छे-भले कॅरिअर का भी बंटाढार हो गया. सो, अब वे भोजपुरी फिल्मों के जरिए अपने कॅरिअर को फिर से पटरी पर लाने की भरसक कोशिश कर रही है.

जन्मदिन विशेष ः अरबाज खान



बॉलीवुड में एक ही मां के दो बेटों की तकदीर भी किस कदर जुदा हो जाया करती है, यह कोई अरबाज खान को देखकर समझे. आज ही की तारीख यानी 4 अगस्त 1967 को अरबाज खान का जन्म बॉलीवुड के सर्वश्रेष्ठ कहानी लेखकों में शुमार होने वाले सलीम के दूसरे बेटे के रूप में हुआ था. सलीम के सबसे बड़े बेटे यानी कि सलमान खान आज की तारीख में बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शुमार किए जाते हैं. लेकिन जहां तक अरबाज खान के कॅरिअर का सवाल है, तो वह कभी अपने बड़े भाई के आसपास भी नहीं पहुंच पाएं. अरबाज के कॅरिअर की शुरूआत 1996 में रिलीज हुई फिल्म दरार से हुई थी. अपनी पहली ही फिल्म में अरबाज ने नायक के बजाए खलनायक का रोल निभाया था. यहफिल्म अपने अच्छे गीत-संगीत और अच्छी कहानी के चलते हिट साबित हुई. अरबाज के अभिनय को भी इस पिफल्म में तारीफें मिली थी. इसके बाद की दो फिल्में भी अरबाज के लिए कामयाबी लेकर आई थी. 1998 में रिलीज हुई फिल्म प्यार किया तो डरना क्या भी हिट रही और इसके बाद 1999 में आई हैलो ब्रदर भी हिट साबित हुई. मतलब, यह कि अरबाज ने अपने कॅरिअर की पहली तीन फिल्मों के साथ ही कामयाबी की हेट्रिक लगा ली थी. लेकिन इसके बाद अफसोस यह रहा कि अरबाज का कॅरिअर रप्तार नहीं पकड़ पाया. बाद के सालों में अरबाज ने कयामत, गर्व, हलचल, मालामाल विकली, भागमभाग, शूटआउट एट लोखंडवाला जैसी मल्टी स्टारर फिल्मों में काम किया, लेकिन फिर भी उनके कॅरिअर को कोई खास फायदा नहीं हुआ. हां, इतना जरूर हुआ है कि पिछले कुछ सालों में अरबाज खान ने एक अच्छे हास्य अभिनेता की पहचान बना ली है. पिछले कुछ सालों में अरबाज प्रियदर्शन जैसे हास्य श्रेष्ठ निर्देशक के साथ मालामाल वीकली, हलचल और अन्य निर्देशकों के साथ मैने प्यार क्यूं किया जैसी कॉमेडी फिल्में की है, जिनमें दर्शकों ने उन्हें खूब पसंद किया.
और अब अरबाज के कॅरिअर में एक नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है. इस साल ईद के त्यौहार पर सलमान खान की एक पिक्चर रिलीज होने जा रही है. दंबग नाम है इस पिक्चर का और बड़ी बात यह कि अरबाज इसके निर्माता है. जी हां, दबंग के साथ बतौर निर्माता एक नई शुरूआत करने जा रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में निर्देशन करने की उम्मीद भी जताई है. जन्मदिन के मौके पर हम भी यही दुआ करते हैं कि अरबाज अपने कॅरिअर की इस नई चुनौती में भी कामयाब हों.

Tuesday, August 3, 2010

कैटरीना की बहन फिल्मों में



बॉलीवुड में अपने रिश्तेदारों, सगे-संबंधियों को आगे बढ़ाना कोई नई बात नहीं. बॉलीवुड के सबसे चर्चित खान सितारे सलमान मियां तो यह काम बरसों से कर रहे हैं. उनका कॅरिअर तो 1989 में आई मैने प्यार किया से ही चमक गया था. बाद के सालों में हम आपके है कौन जैसी फिल्मों से उनके कॅरिअर का ग्राफ जो ऊपर चढ़ा, तो आज तक भी बुलंदियों पर है. सो, सल्लू मियां ने अपने भाईयों को बॉलीवुड में फिट करने के लिए हर कलाबाजी अपनाई. सोहेल खान की फिल्मों में काम किया, उसके लिए कई फिल्मों में मेहमान भूमिकाएं की. यहां तक कि सोहेल को बतौर हीरों स्थापित करने के लिए भी सलमान ने हीरोज, और मैं और मिसेस खन्ना जैसी फिल्मों में कमतर भूमिकाएं की.
अब कैटरीना कैफ ठहरी, सलमान की प्रेमिका. सो बॉलीवुड में अपना झंडा बुलंद कर चुकी कैट भी अब सलमान के नक्शे-कदम पर चलते हुए अपनी बहन को फिल्में दिलाने के लिए दिन-रात एक कर रही है. चर्चाएं है कि कैट अब अपनी छोटी बहन ईसाबेल को इंडस्ट्री में दाखिल कराना चाहती है. ईसाबेल इन दिनों लंदन में फिल्म एक्टिंग का कोर्स कर रही है, जो साल के आखिर तक खत्म हो जाएगा. इस बीच बड़ी बहन कैट की पूरी कोशिश है कि ईसाबेल का कोर्स खत्म होने से पहले ही उन्हें बॉलीवुड की एक-दो फिल्में मिल जाएं. इसके लिए आजकल वे बॉलीवुड में अपने करीबी लोगों से अपनी बहन की पैरवी करने में जुटी हुई हैं. पता नहीं क्यों, उन्होंने अब तक आधा दर्जन नायिकाओं को अपनी फिल्मों में मौका दे चुके अपने प्रेमी सलमान से तो इस बारे में बात नहीं की है. लेकिन दूसरें लोगों से वे अपनी बहन की सिफारिश खूब कर रही है. चर्चाएं यह है कि ईसाबेल 2011 में सलमान खान के साथ एक फिल्म से अपने कॅरिअर का आगाज कर सकती है, जिसका निर्देशन फराह खान द्वारा किए जाने की अटकलें लगाई जा रही है. एक चर्चा यह भी है कि ईसाबेल करण जौहर के बैनर तले भी अपने कॅरिअर का आगाज कर सकती है.
वैसे, इस बीच ईसाबेल से जुड़ी एक दिलचस्प बात. कुछ दिनों पहले इस खबर ने खूब सुर्खियां बटोरी थी कि कैट की यह छोटी बहन इंटरनेट पर एक सीडी में कई दोस्तों के साथ सेक्स करती दिखाई दे रही थी. बाद में यह सीडी फर्जी होने के दावे किए गए, लेकिन तब तक ईसाबेल का नाम इंटरनेट का उपयोग करने वाले हजारों लोगों की जुबान पर आ चुका था.
अब कैट की वही बहन बॉलीवुड में पदार्पण की तैयारियों में जुटी हुई है. उम्मीद है उनका पदार्पण धमाकेदार रहेगा.